Thu. Apr 23rd, 2026

भाजयुमो में नियुक्ति विवाद- दतीगांव – जयसूर्या आमने सामने

पूर्व मंत्री दतीगांव नेे सूर्या की नियुक्ति का विरोध करने पर बदनावर भाजपा में आया बवाल

क्या खेमेबाजी का असर- विधानसभा चुनाव में देखने को मिलेगा

भाजयुमो प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्या की ताकत दिखेगी स्वागत रैली मे

बदनावर/ महेश पाटीदार

समुचे प्रदेश एवं जिले में इन दिनों भाजयुर्मो में हुई नियुक्ति चर्चा में है। युवा मोर्चा में प्रदेष उपाध्यक्ष पद पर हुई नियुक्ति पर भाजपा के ही नेता ने सवाल खडे करने के बाद से ही शोषल मीडिया पर भाजपा नेताओं एवं कार्यकर्ताओं के बीच तर्क विर्तक जारी है। कोई नियुक्ति के पक्ष में विचार रखता है तो कोई सवाल खडे करने वाले नेता के पक्ष में तर्क देता दिखायी देता है। नियुक्ति के बाद पार्टी के चर्चा में आने पर विधानसभा चुुनाव को लेकर चर्चा गर्म हो गई कि पडी लकडी उठाकर ,,,,,,,,,।

भाजयुर्मो अध्यक्ष द्वारा प्रदेश कार्यकारिणी में जयसूर्या को उपाध्यक्ष बनाने पर बदनावर विधानसभा में तुफान सा आ गया। पूर्व केबिनेट मंत्री राजवर्धनसिह दतीगांव ने खुलकर सूर्या की नियुक्ति का विरोध करने पर बदनावर की भाजपा में बवाल सा हो गया। एकजुट भाजपा में खेेमेबाजी शुरु हो गई। इस खेमेबाजी का असर आगामी विधानसभा चुनाव में जरुर देेखने कोे मिल सकता है।

खेमे बाजी का असर विधानसभा चुनाव परिणाम पर जरूर होगा–

अंदरुनी रिर्पोट है कि जयसूर्या की नियुक्ति का लाभ पार्टी को मिलेगा या नहीं। किंतु खेमेबाजी का असर पार्टी में जरुर होगा। हालांकि विधानसभा चुुनाव में देरी है। चुनाव के पहलेे तक हाईकमान के पास क्षेत्र में किस नेता की रिर्पोट पाजिटिव जाती है यह गर्त में है। खेमेबाजी का असर विधानसभा चुनाव परिणाम पर पडने से इंकार नही किया जा सकता है।

भाजयुमो प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्या दिखाएंगे ताकत-

 युवा नेता जय सूर्या के भाजयुमो प्रदेश उपाध्यक्ष नियुक्ति के बाद पहली बार बदनावर आगमन पर सर्मथकों ने 9 तारीख को स्वागत रैली एवं भारत माता की आरती का आयोजन रखा गया है। स्वागत रैली लेबड से प्रारंभ होकर सादलपुर, मनासा, खैरोद, नागदा, कानवन, छो, बोराली, घटगारा एवं पिटगारा होकर बदनावर में अंबेडकर चैराहा पर पहुॅचेगी। कहने को तो यह स्वागत रैली है किंतु वास्तव में स्वागत रैली के माध्यम से जय सूर्या अपना जानधार एवं राजनैतिक प्रभाव की ताकत दिखाएंगे। रैली में शामिल कार्यकर्ताओं की संख्या सूर्या के राजनैतिक सफर में अहम योगदान देगी।

बदनावर, कानवन एवं सादलपुर थाने की गुंडा लिस्ट-

बदनावर विधानसभा में बदनावर, कानवन एवं सादलपुर थाने की सीमाएं लगती है। तीनों थानों की गुंडा लिस्ट सावर्जनिक होती है तो कई रोचक नाम देखने को मिलेगे। गुंडा लिस्ट के नाम हटाने पर राजनीती मे नेता गायब होकर केवल कार्यकर्ता ही शेष रह जाएंगे। हालांकि नेता बनने की पहली सीढी

 थाने की ही चढना पडती है। राजनीती में सफल नेता को जनता के लडाई लडने में प्रकरण दर्ज होना आम बात है। बढती प्रकरण की संख्या नेता का नाम गुंडा लिस्ट मे दर्ज करवा देते है।

 नियुक्ति मामले का असर भाजयुमोे जिलाध्यक्ष धार की नियुक्ति पर भी पड सकता है। जय सूर्या के प्रदेश उपाध्यक्ष बनने के बाद धार जिलाध्यक्ष पद के लिए युवाओं में जोर अजमाइश होने लगी है।

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