Sat. Mar 7th, 2026

सरकार ने नहीं बदले नियम तो इस साल नहीं होगी चारधाम एवं बद्रीनाथ यात्रा

सरकार ने नहीं बदले नियम तो इस साल नहीं होगी चारधाम, बद्रीनाथ यात्रा

बस ऑनर्स व तीर्थ यात्री एजेंट की बैठक हुई संपन्न

तीर्थ यात्रा एजेंटो का कहना है कि सरकार जारी नियमों पर करना है पुनर्विचार

थोपे गए परिवहन ननियमों के विरुद्ध हुए लामबंद तीर्थ यात्री एजेंट

तीर्थ यात्री बस संचालकों ने नए नियम के विरोध में चारधाम यात्रा का करेंगे बहिष्कार

बदनावर। तीर्थ यात्रा पर संचालित यात्री बसों के विरुध केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा नया कानुन लागु करने पर मप्र तीर्थ यात्रा बस आर्नस एवं एजेंट संघ की बैठक एक निजी गार्डन में संपंन हुई। जिसमें तीर्थ यात्रा बस के लिए लागू नए नियमों पर सरकार को पुर्नविचार करने हेतु कार्ययोजना तैयार की गई। नए नियमों के तहत लगेज केरियर यथावत रखने व गैस टंकी ले जाने पर पुर्न विचार किया जाए।
आगामी दिनों में संघ द्वारा मुख्यमंत्री, केन्द्रिय राज्य मंत्री को ज्ञापन सोपेंगे।

मप्र तीर्थ यात्रा एजेंट एवं बस आर्नस की बैठक में धार, उज्जैन, रतलाम, झाबुआ, मंदसौर व आल इंण्डिया यात्रा संघ के सदस्य शामिल हुए। बैठक में बताया गया कि केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा तीर्थ यात्री बसों में टु बाय एक सीट लगायी जावे, तथा बसों पर केरियर की सुविधा हटाने व गैस टंकी नहीं रखने जैसे नियम थोपे गए है। सरकार द्वारा थोपे गए निणर्य के विरुध एजेन्ट एव बस आर्नस एसोसिएशन बैठक में निर्णय लिया गया कि यदि सरकार द्वारा जारी नए नियमों में बदलाव नहीं करती है तो सभी बसों के चक्के जाम कर दिए जाएंगे। तथा सभी तीर्थ स्थलों तक बात पहुॅचा देेंगे की इस बार न तो बद्रीनाथ यात्रा होगी न ही चार धाम व गंगा सागर जैसे तीर्थ पर यात्रियों की बसे नहीं आएगी।


इंदौर बस आर्नस एसोसिएशन सचिव अनिल भावसार का कहना है कि यात्री बसों पर केन्द्र सरकार ने मानवाधिकार आयोग के निर्देश पर परिवहन करने वाली यात्री बसों पर नियम अमल में लाया गया। पंजीकृत दो बाय दो स्लीपर वाहनों पर लागु होने से बैठक क्षमता प्रभावित होगी। दो बाय दो को दो बाय एक करने से यात्री केपेसिटी कम होने से अनावयश्क भार तीर्थ यात्रियों पर पड़ेगा। तथा तीर्थ यात्रियों के लिए आवश्यक सामान रखने हेतु लगेज केरियर हटाने से यात्री खाने पीने का सामान कहां रखेगे। तथा तीर्थ यात्रा हेतु व्यक्ति, किसान, गरीब, मजदूर एक ही बार जाता है। इसके लिए भारी मेहनत से राशि एकत्र करता है। ऐसे में उस पर अनावश्यक आर्थिक बोझ पड़ेगा। उडीसा, झारखंड एवं तमीलनाडू में अनैतिक वसुली भी रोक लगाने की आवश्यकता है। सरकार को इस बारे में पूर्न विचार कर स्लीपर बसों में लागू नए नियम पर रोक लगाने की मांग बस आर्नस एसोसिएशन करता है।
बस मालिक राकेश धाकड खाचरोद ने कहा कि सभी एजेन्ट चाहते है कि बस में केरियर की सुविधा व खाना बनाने हेतु गैस टंकी की आवश्यकता रहती है। एआइटीपी का नियम लंबी लाइन की बस पर ही लागू होता है। तीर्थ यात्री बसों को इसमें छुट मिलना चाहिए। सनातन धर्म का व्यक्ति 12 ज्योर्तिलिंग व बद्रीनाथ धाम की यात्रा कम राशि में करवाते है। सरकार से मांग है कि तीर्थ यात्री बसों को नए नियमों में छुट मिले या इन्हे लंबी लाइन वाली बसों की श्रेणी में न रखा जाए।
बैठक में अन्य सदस्यों ने भी नए नियम के विरोध में अपनी बात कही। बैठक में बस आर्नस अनील भावसार, कलर बस उज्जैन, स्टुडेंट ट्रेवल्स इंदौर, मयुर ट्रेवल्स रतलाम एवं बद्रीलाल परमार, मुन्नालाल मालवीय, देवप्रसाद कुमावत, लालसिंह डाबी, अनील हारोड, पिंटु सेठ, पप्पु सहारा, रमेश नाहर, राजू बरमंडल, मुरलीदास बैरागी, सचिन नामदेव, अजय बारोट, राकेश शर्मा, सचिन उपाध्याय, शुभम पाठक, शंकरलाल कुमावत, ओमप्रकाश दधीच, गोपाल टाॅक, नितेश राठौड, रुपेश राठौड, राजेश बीसी एवं राजेन्द्र पटेल सहीत बडी संख्या में तीर्थ यात्री एजेन्ट उपस्थित थे।

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