Sat. Mar 7th, 2026

नामदेव समाज द्वारा संत शिरोमणि नामदेव जी महाराज का प्राकट्य उत्सव धूमधाम से मनाया गया

नामदेव समाज द्वारा संत शिरोमणि नामदेव जी महाराज का 755 वाँ प्राकट्य उत्सव धूमधाम से मनाया गया

मां के कंधों से बढ़कर छाती नहीं है।धर्म से बढ़कर जाति नहीं है। माउली विक्रम महाराज

बड़वाह :– सकल नामदेव समाज बड़वाह द्वारा भक्त शिरोमणि नामदेव महाराज का 755वा प्रकट महोत्सव एवं अन्नकूट का आयोजन शुक्रवार को सायंकाल गुरु गोविंद सराय में बड़े ही धूमधाम से मनाया गया इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में महाराष्ट्र से पधारे कथाकार माउली विक्रम महाराज गुरुद्वारा साहिब से ग्रंथि व ब्रह्माकुमारी केंद्र से वीणा दीदी व अनिता दीदी समाज के राजकुमार नामदेव , प्रोफेसर रमेश जाचपुरे , धर्मेंद्र नामदेव बद्री मण्डवाल कैलाश नामदेव आनंदीलाल नामदेव चंदुलाल मंडलवाल मंचासिन उपस्थित रहे । सर्वप्रथम सभी अतिथियों द्वारा श्रीनाथ जी का पूजन कर दिप प्रज्वलित किया गया । वही समाजजनों ने सभी अतिथियों का दुपट्टे पहनाकर स्वागत किया ।अतिथियों का स्वागत मनीष मण्डवाल सुनील नामदेव रितेश मण्डवाल विक्की पवार शैलेन्द्र चौहान योगेश सर्वा सत्यम नामदेव गोविंद नामदेव दिलीप मण्डवाल गणेश विद्यार्थी संजय चौहान सहित समाजजनों के द्वारा किया गया।कार्यक्रम संचालन नितिन चौहान ने किया तथा आभार मनीष मण्डवाल ने माना।

नामदेव जी महाराज के समान दिव्य अलौकिक बनाने की और अग्रसर हो

मॉउली विक्रम जी महाराज द्वारा मां के कंधों से बढ़कर छाती नहीं है।धर्म से बढ़कर जाति नहीं है।दीपक ही नहीं तो बाती का क्या क ** रोगे सनातन धर्म ही नहीं तो जाति का क्या करोगे।भगवान में नाम है नाम में ही देव है।इसे हमारे आराध्य भगवान नामदेव जी है।नामदेव महाराज के जीवन पर प्रकाश डालते हुए उनकी अनन्य भक्ति व ईश्वर के प्रति सम्पूर्ण समर्पण भाव की अनेक गाथाये सुनाई गई जिससे समाज प्रेरणा लेकर अपने जीवन को नामदेव जी महाराज के समान दिव्य अलौकिक बनाने की और अग्रसर हो।

गुणों से भरपूर रह सर्व को दाता बन देते चले

ब्रह्माकुमारी केंद्र वीणा दीदी द्वारा आध्यात्मिक जीवन के गुह्य रहस्यों को बताते हुए स्वयम के भौतिक आवरण से ऊपर उठकर आध्यात्मिक चेतना के बोध को स्मृति में रखकर कर्म करने की बात कही , साथ ही स्वयम को स्नेह , प्रेम , आनंद , खुशी आदि गुणों से भरपूर रह सर्व को दाता बन देते चले । वही ग्रंथि जी द्वारा नामदेव जी महाराज रचित अभंगों को समझाते हुए भजन किये गए।गुरुद्वारे से पधारे ज्ञानीजी ने भी शब्द कीर्तन के माध्यम से श्री नामदेवजी महाराज की जीवन शैली का बखान किया ।

स्मृति चिन्ह भेंट कर उनका सम्मान भी किया

समाज सदस्यों ने मुख्य अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट कर उनका सम्मान भी किया।जिसके पश्चात सभी समाज बंधुओं ने श्री नामदेवजी महाराज की सामूहिक आरती की ।
इसके पश्चात सभी समाजजनो ने भोजन प्रसादी ग्रहण की। बड़वाह की सर्व नामदेव समाज का यह द्वितीय आयोजन था। जिसमें समाज की सभी महिला,पुरुष और युवाओं ने पूरे उत्साह के साथ इस आयोजन में शामिल होकर कार्यक्रम को सफल बनाया ।

Related Post