Sat. Mar 7th, 2026

समाजसेवी पटेल बा का जीवन संघर्षपूर्ण होने के बावजूद कई संस्थाओं में रहा सराहनीय योगदान

महेश पाटीदार

समाजसेवी पटेल बा का जीवन संघर्षपूर्ण होने के बावजूद कई संस्थाओं में रहा सराहनीय योगदान

महेश पाटीदार

पेटलावद। पाटीदार समाज के वरिष्ट एवं स्वर्गीय रणछोड जी पटेल के बडे पुत्र शंकरलाल जी पटेल (पटेल बा) निवासी ग्राम अनंतखेडी (पेटलावद) जिला झाबुआ का पाटीदार समाज उत्थान में सराहनीय योगदान रहा। पटेल बा धार एवं झाबुआ जिले के पाटीदार समाज में काफी प्रतिष्ठित व्यक्तित्व रहा। श्री पटेल का जीवन काफी सर्घंषमय होने के बावजूद कभी निराषा न रखते हुए हमेशा सकारात्मक सोच के साथ कार्य करते रहे।

वर्षों पहले जब सडक मार्ग की सुविधा नही थी तब भी सामाजिक कार्य में अग्रणी रहकर धार एवं बदनावर सहित अन्य क्षैत्रों में आवागमन कर समाज के कार्य में योगदान दिया। पटेल बा ग्राम पंचायत अनंतखेडी के उपसरपंच का दो कार्यकाल (10 वर्ष) तक दायित्व निर्वहन किया। पेटलावद से अनंतखेडी पहुंच मार्ग कीचड भरा हुआ रहता था उस समय इन्ही के कार्यकाल में पेटलावद से अनंतखेडी मार्ग के लिए सकारात्मक पहल कर सुगम बनाया गया। क्षैत्र में विख्यात रामपुरिया मंदिर में आप संस्थापक सदस्यों में शामील होकर यहां कई उल्लेखनीय कार्यों में योगदान दिया।

धार-झाबुआ जिले में पाटीदार समाज उत्थान में अहम भूमिका निभाई-

अंबिका धाम धार में पाटीदार समाज सामूहिक विवाह समिति एवं माताजी मंदिर निर्माण में अहम योगदान आपने दिया। हांलाकी अनंतखेडी गांव से अधिक दूरी पर होने के बावजूद भी धार पहुंचकर सामूहिक विवाह समिति में अधिकाधिक जोडों को विवाह में सम्मलित करवाकर अनावश्यक खर्चों से बचाते हुए समाज की आर्थिक स्थिति को सुदृढ करने का प्रयास किया। सरदारपुर में बोला के समीप नरसिंह देवला मंदिर के उत्थान में सराहनीय योगदान रहा। ग्राम अनंतखेडी में निर्मित राधा कृष्ण मंदिर व पाटीदार समाज धर्मशाला निर्माण में भी श्री पटेल की महत्वपूर्ण भूमिका रही। अपने बडे भाई की तरह छोटे भाई रामेश्वर पटेल भी ग्रापं अनंतखेडी के उपसरपंच रहे ओर ग्राम विकास में अहम भूमिका अदा करते हुए आज भी राजनीतिक व सामाजिक पदों पर रहकर समाजसेवा में जुटे हैं।

सभी समाजों व व्यापारियों में रहा वर्चस्व-

स्वर्गीय पटेल का पाटीदार समाज के अतिरिक्त अन्य समाजों व विशेषकर व्यापारियों में उनके व्यवहार के कारण अच्छा वर्चस्व था। जिसके कारण उनका आदर सम्मान अटूट था वही अपनी कथनी के अनुसार व्यापारीयों से अपनी व अपने परिचितों की फसल का लेन देन भी भाव कम ज्यादा होने पर भी नही पलटता था इसी कारण व्यापारी और पाटीदार समाज के अतिरिक्त अन्य समाज जो खेती करते हैं उन पर अटूट विश्वास रखते थे। इसी कारण वे नगर के सभी समाजों, व्यापारी जगत व धार-झाबुआ जिले के पाटीदार समाज में पटेल बा के नाम से जाने जाते रहे।

बनी रहे पटेल बां की स्मृति चिरस्थाई-

स्वर्गीय श्री शंकरलाल जी पटेल के तीन पुत्र बाबुलाल पटेल, मुकेश पटेल व राधेश्याम पटेल ने अपने पिताजी का स्मृति चिरस्थाई बनाने के लिए अनंखेडी श्मशान घाट के विकास के लिए 21 हजार, पेटलावद जीवदया समिति की गौ शाला, रामपुरिया पंचमुखी हनुमान मंदिर, अनंतखेडी श्री राधाकृष्ण मंदिर एवं अंबिका धाम धार में प्रत्येक संस्था को 5 हजार 100 की दान राशि भेट की जाएगी।

Related Post