
भारत स्वाभिमान पतंजलि योगपीठ हरिद्वार से पधारे परम पूज्य स्वामी डॉ परमार्थ देव जी ने बड़वानी में जगाया योग का अलख
सादलपुर ! विगत दिवस नगर के गायत्री मंदिर परिसर सभा कक्ष में हरिद्वार से पधारे परम पूज्य स्वामी डॉ परमार्थ देव जी महाराज ने कहा वर्तमान में भारत को स्वावलंबी बनाना है तो स्वदेशी चिकित्सा एवं स्वदेशी वस्तुओं का उपयोग करना होगा आयुर्वेद को अपनाना होगा एवं खान-पान से होने वाली गंभीर बीमारियों से बचने के लिए नियमित योगाभ्यास एवं स्वस्थ दिनचर्या का पालन करना अनिवार्य है ।

स्वामी जी के द्वारा बड़वानी जिले में एक विशाल योग शिविर का आयोजन किया जाना भी प्रस्तावित है । मंच पर आसीन परम पूज्य परमार्थ देव जी महाराज का स्वागत बाबूलाल काग किसान सेवा समिति बड़वानी द्वारा शाल एवं श्रीफल भेंट कर किया गया साथ ही भारत स्वाभिमान जिला बड़वानी के प्रभारी श्री सुधीर त्रिवेदी ने भी पुष्प हार से स्वामी जी का स्वागत किया।

साथ ही राम कुल्लेश्वर डोला समिति रोहिणी तीर्थ सेवा समिति राजघाट गायत्री शक्तिपीठ बड़वानी एवं आर्य समाज बड़वानी द्वारा स्वामी जी को स्मृति चिन्ह भेंट कर उनका सम्मान किया गया

मंच पर आसीन राज्य स्तर के अधिकारी पदाधिकारी राजेंद्र आर्य भारत स्वाभिमान राज्य प्रभारी म प्र कृष्ण योगेंदर रघुवंशी राज्य प्रभारी पतंजलि योग समिति मध्य प्रदेश ,प्रेमाराम पूनिया राज्य प्रभारी युवा भारत मध्य प्रदेश , विक्रम डूडी भारत स्वाभिमान जिला प्रभारी जिला धार एवं युवा भारत सह राज्य प्रभारी,सुश्री सुधा जी त्रिवेदी राज्य प्रभारी महिला पतंजलि योग समिति का स्वागत ऋषि उपाध्याय राकेश भावसार ,अनिल नामदेव, लखन विश्वकर्मा, कमल गनवानी द्वारा स्वागत किया गया। राज्य महिला समिति का स्वागत रेखा भावसार ,प्रियंका भदोरिया ,लक्ष्मी मंडलोई ,उपाध्याय दीदी एवं सागर दीदी के द्वारा किया गया ।इस अवसर पर पतंजलि योगपीठ जिला धार से रामभरोसे वर्मा पतंजलि योग समिति जिला प्रभारी, सुखलाल रणदा किसान सेवा समिति, जिला योग प्रशिक्षक डॉ घनश्याम मीणा, जिला धार मिडिया प्रभारी मिलिंद पांडेर, सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं की गरिमा मय उपस्थिति रही। बड़वानी योगपीठ के जिला प्रभारियों की नियुक्ति कर नव नियुक्त पदाधिकारियों का स्वामी जी ने माल्यार्पण कर अभिनंदन किया।बड़ी संख्या में नागरिकों सहित मातृशक्ति की उपस्थिति में सभा कक्ष खचाखच भरा हुआ था।कार्यक्रम का संचालन धीरेंद्र ठाकुर के द्वारा किया गया एवं आभार लखन विश्वकर्मा द्वारा किया गया।

