
आलोट विधायक डॉक्टर चिंतामणि मालवीय ने विधानसभा में भरी हुंकार मोहन सरकार के फेसले को बताया किसान विरोधी फैसला
बड़ावदा मनोज जोशी
जैसा कि विधित है वर्तमान में विधानसभा का सत्र जारी है वही सभी सदस्य अपने-अपने क्षेत्र की समस्याएं लेकर सदन में पहुंचे जहां सभापति के समक्ष अपने विचार एवं अपने क्षेत्र की समस्याएं रखकर अवगत कराया।
जैसे ही आलोट विधानसभा क्षेत्र के विधायक डॉक्टर चिंतामणि मालवीय को अपने विचार रखने का मौका मिला वैसे ही विधायक ने सिहस्थ के दौरान भूमि अधिग्रहण के मामले को सदन में उठाया विधायक मालवीय ने अपनी ही सरकार के द्वारा लिया फैसला किसान विरोधी फैसला बता कर किसानों का दिल तो जीता ही वही सरकार के खिलाफ भारी हुंकार भी भरी।

यह है मामला
सिंहस्थ में भूमि अधिग्रहण मामले में कृषकों को नोटिस प्राप्त हुए।
विधायक मालवीय ने कहा कि प्रयागराज में भी सिहस्थ हुआ है वही परंपरा अनुसार उज्जैन में भी पूर्व में भी सिंहस्थ होते आए है जो की तंबुओं के बीच हुए हैं परंतु सरकार भूमाफियाओं के साथ मिलकर अफसरों के सहयोग से भूमाफियाओं को बड़ा लाभ पहुंचाना चाहती है।
वहीं किसानों की भूमि हड़प कर तंबू की बजाय पक्का निर्माण करने का फैसले को ग़लत बताते हुए इस फैसले का विरोध किया।
साथ ही कहा कि भाजपा उज्जैन पूर्वी विधायक अनिल जैन भी किसान विरोधी इस फैसले में अपना समर्थन दे रहे हैं।
जैसे ही क्षेत्र में इस बात की खबर मिली कि विधानसभा में मालवीय ने किसानों की आवाज को उठाया वेसे ही सोशल मीडिया पर मालवीय के समर्थकों ने पोस्ट डालकर विधायक के इस फैसले का समर्थन किया।
ज्ञात रहे कि विधानसभा सत्र के दौरान मीडिया द्वारा नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गी से उनकी राय मांगी तो विजय वर्गी ने कहा कि विधायक भी उज्जैन से हैं वही मुख्यमंत्री भी उज्जैन से हैं इस बात का कोई हल निकाल कर समझाने का प्रयास करेंगे।
इधर कांग्रेस के तराना विधानसभा क्षेत्र के विधायक महेश परमार ने भी सदन में सरकार के इस फैसले को किसान विरोधी फैसला बताया ।
कुछ समाचार पत्रों में विधायक और मुख्यमंत्री के पटरी नहीं बैठने की बात दरशार्ई गई, मगर मालवीय संगठन में अपनी कार्यशैली के आधार पर पहचान बनाए हुए हैं वहीं भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष के पद का निर्वाह कर रहे साथ ही उनकी कार्यशैली से उनके विधानसभा क्षेत्र ही नहीं अन्य क्षेत्रों के लोग भी प्रभावित हैं, वही देख सकते हैं कि किस तरह से दिल्ली से आगमन पर रेलवे स्टेशन पर उनके समर्थकों का सेला बी उनका स्वागत करने के लिए उमड़ा
सांसद रहते हुए डॉक्टर चिंतामणि मालवीय ने अपने अथक प्रयासों से क्षेत्र वासियों को कई सौगात देकर किसान हित में काम किए हैं किसान विरोधि फैसले पर हमेशा हुंकार भरकर उसका विरोध किया यह मामला भी किसान के हित का न होकर भूमाफियाओं के हित का था जिसे कतई बर्दाश्त ना कर आवाज उठाई।
