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तुम जियो और दूसरो को जीवन दो –स्वप्न में भी किसी दूसरे का बुरा न सोचो न करो- रामानंदाचार्य

तुम जियो और दूसरो को जीवन दो स्वप्न में भी किसी दूसरे का बुरा न सोचो या करो- रामानंदाचार्य नरेंद्राचार्य जी

बड़वाह—’तुम जियो और दूसरो को जीवन दो, स्वप्न में भी किसी दूसरे का बुरा न सोचो या करो एवं प्रतिदिन अपने आराध्य कि एकाग्र भाव से 10 मिनिट भक्ति करो। जगदगुरु रामान्दाचार्य नरेंद्राचार्य जी रामानंदाचार्य दक्षिण पीठाधीश्वर नाणीजधाम रत्नागिरी महाराष्ट्र
उपपीठ (ओमकारेश्वर) ग्राम अली बुजुर्ग में 13 जनवरी मंगलवार को एक दिवसीय प्रवचन के दौरान कही|जगदगुरू श्री की यह सीख समस्त मानव जाति के जीवन को सुखी कर रही है। रामानंदाचार्य नरेंद्रचारजी भक्त सेवा मंडल मध्यप्रदेश उपपीठ के निर्माण एवं नर्मदा परिक्रमावासियो के विश्राम व भोजन व्यवस्था के लिए सहयोग करने वाले समस्त सहयोगियों शुभचिंको का ह्रदय के आभार व्यक्त करता है और समय समय पर इस कार्य में ज्यादा से ज्यादा सहयोग प्रदान करने की अपील करता है।

विश्व का मार्गदर्शन करने वाले धर्म गुरू होंगे

पीठ प्रमुख अर्जुन फुलेजी ने कहा कि पुरी मानव जाति का प्रेम सदभावना दया एवं शांति का संदेश देने वाले तथा हर व्यक्ति के मन में अध्यात्म व सात्विकता की ज्योति जलाने वाले जगद्गुरू नरेन्द्राचार्य जी आने वाले वर्षो में पूरे विश्व का मार्गदर्शन करने वाले धर्म गुरू होंगे तथा उनका रामानंदाचार्य संप्रदाय सारे विश्व में अग्रणी होगा। आज के इस असुरक्षित विश्व में मार्गदर्शन के साथ साथ एक दृढ़ आधार की आवश्यकता है। आप कहीं भी रहे अफ्रीका के घने जंगल में अथवा किसी महासागर में कहीं भी हों मैं सदैव तुम्हारे साथ हूँ आप मुझे भक्ति दें मैं आपको स्थैर्य दूंगा ऐसा कहने वाले प्रभु के ये विचार ही नहीं अपितु आप इसे अपने जीवन में आजमाइये फिर विश्वास करें।

तुम जियो और दूसरों को जीने में सहायता करो

आश्रम से जुड़े भक्त संजय बालापुरे बताया कि जगद्गुरु रामानंदाचार्य दक्षिण पीठ नानीजधाम महाराष्ट्र का उपपीठ मध्यप्रदेश के गुरु बंधुओं शुभचिंतकों साधकों के अथक प्रयासों के परिणाम स्वरूप अब मध्य प्रदेश क्षेत्र के ओमकारेश्वर के पास ग्राम आली बुजुर्ग जिला खरगोन में स्थापित किया जा चुका है, जिसका लाभ प्रदेश की जनता के साथ सभी देश के नर्मदा भक्त भी प्राप्त करेंगे।

समाजसेवा के कार्यों के माध्यम से समाज को एक नई चेतना देकर अपनी अलग पहचान बनाई है।

आश्रम के पीठ सहप्रमुख नवनाथ बनकर जी ने बताया कि जगद्गुरु श्री के इस अमृत रूपी संदेश के माध्यम से महाराष्ट्र के विभिन्न कोनों तक ही नहीं भारत के विभिन्न राज्यों के अलावा विदेशों में भी समाज को एक नई दिशा देने लोगों के जीवन को सुखी करने के साथ.साथ अनेक सामाजिक प्रकल्पो जैसे एंबुलेंस सेवाए निशुल्क शिक्षण कार्य गरीब परिवारों के लिए रोजगार गोनमुखी संसाधनों की व्यवस्थाए व्यसनमुक्ति ब्लड डोनेशन अवयवदान महाराष्ट्र में आई भीषण बाढ़ पीड़ितों के लिए व्यवस्था कर सहयोग प्रदान करए वेद पाठशाला आदि अनेको समाजसेवा के कार्यों के माध्यम से समाज को एक नई चेतना देकर अपनी अलग पहचान बनाई है।संस्थान के महाराष्ट्र वसई नागपुर नाशिक अकोला परभणी गोवा तेलंगाना आदि जगहों पर उपपीठ निरंतर समाजसेवा के माध्यम से जागृति लाने के लिए प्रयास रत है।इसी श्रृंखला में मध्यप्रदेश के तीर्थक्षेत्र ओंकारेश्वर के पास माँ नर्मदाजी परिक्रमा मार्ग पर परिक्रमा करने वाले श्रद्धालुओं संतो के विश्राम एवम भोजन की निःशुल्क व्यवथा कर सेवा कार्य कराने का संकल्प जगदगुरूश्री के मार्गदर्शन में किया जा रहा है। जगद्गुरु रामानदाचार्य जी का संप्रदाय के बैतूल छिंदवाड़ा बालाघाट खरगौन इंदौर देवास धार बुरहानपुर खंडवा बड़वानी, सिवनी भोपाल आदि जिले में फैला हुआ है।

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