
विधायक भंवरसिंह शेखावत के प्रयासों से पीएम पार्क योजना को मिली संजीवनी
पीडित महिलाएं न जेसीबी चलने दी रही थी, न ही बोलडोजर
विरोधी लोग न अधिकारी की बात सुनते न ही सीधे मुंह बात करते
विरोध के स्वर दिल्ली तक पहुॅचने पर कई नेताओं ने अपने क्षेत्र में ले जाने का किया प्रयास
बदनावर न्यूज़/ चीफ एडिटर
महेश पाटीदार
बदनावर। विधानसभा क्षेत्र के पश्चिम में पीएम टेक्सटाइल मेघा पार्क हेतु स्टक्टचर बनाने का काम जारी है। पीएम टेक्सटाइल पार्क की स्थापना में विधायक भंवरसिंह शेखावत का अहम योगदान रहा है। एक और भेसोंला एवं आसपास की जनता इसका विरोध कर रही थी। वही दूसरी और कलेक्टर सहीत किसी भी अधिकारी की बात पीडित लोग सुनने को तैयार नहीं थे। विधायक शेखावत ने इस मामले की गंभीरता को समझा और पीडित हितग्राहियों एवं विभागीय अधिकारियों के बीच चल रहे गतिरोध को दूर करते हुए सामजस्य बनाया। यु कहे कि विधायक शेखावत ने पीएम टेक्सटाइल पार्क स्थापना को संजीवनी दी तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी।
विधायक भंवरसिंह शेखावत ने क्षेत्र की जनता से बदनावर के विकास का वादा किया था। इनके मार्गदर्शन में ही नर्मदा प्रोजेक्ट को गति मिली है। तथा पीएम टेक्सटाइल मेघा पार्क के काम गति लाने का श्रेय भी विधायक शेखावत को ही जाता है। हालांकि यह योजना केन्द्र सरकार द्वारा स्वीकृत की गई है। योजना को मुर्त रुप देने हेतु कार्य योजना पर अमल होने लगा है।
जमीन पर काबीज स्थानीय लोग मेघा पार्क का कर रहे थे विरोध-
पीएम टेक्सटाइल मेघा पार्क की स्वीकृति 2023 में मिली थी। प्रदेश में यह पार्क एक मात्र बदनावर के भेसोला क्षेत्र में स्थापित होना है। इस योजना पर काम शुरु होने के पूर्व स्थानीय लोगों ने इसका विरोध शुरु कर दिया। जिस जमीन पर यह पार्क लगाया जाना है उस पर कई लोग वर्षो से खेती करते आ रहे है। इन लोगों को बेदखल कर सरकार जमीन हथियाने के प्रयास कर रही थी। किंतु भेसोला, घनेरा, वाघापाडा सहीत आसपास के गरीब किसानों के हाथ से खेती की जमीन छिनी जाने पर मेघा पार्क का विरोध शुरु हो गया। पीडित महिलाएं न जेसीबी चलने दी रही थी, न ही बोलडोजर। विरोध करने वाले लोग कलेक्टर सहीत किसी भी अधिकारी की बात सुनना तो ठीक सीधे मुंह बात तक नहीं करते थे। इसके विरोध के स्वर दिल्ली तक पहुॅचे।
पीएम पार्क को अन्यत्र लेजाने की होने लगी थी चर्चा-
विधानसभा चुनाव के पूर्व पीएम पार्क का पुरजोर विरोध होने लगा। विरोध करने वाले पीडित लोगों की आवाज प्रदेश सहीत देश की राजधानी तक पहुचने पर कई नेता इस योजना को अपने क्षेत्र में हस्तांतरीत कराने हेतु प्रयास करने लगे। इसका स्पश्ट कारण शासन प्रशासन के सभी अधिकारी विरोध करने वाले पीडित लोगों के सामने सारे प्रयास कर निराश हो चुके थे। बढते विरोध के चलते योजना के जिम्मेदार हाथ पर हाथ धरे बैठे थे।
विधायक भंवरसिंह शेखावत के प्रयासों से पीएम पार्क योजना को मिली संजीवनी-
विधानसभा चुनाव में यह मुद्दा चरम पर था। विधायक शेखावत ने चुनाव प्रचार के दौरान इस मुद्दे की गहराई को समझा। विधायक शेखावत ने पीडितों की बात को गंभीरता से समझा और अधिकारियों की परेषानी को जाना। दोनों की समस्या को समझ कर मामले के हल हेतु आगे कदम बढाया। सर्वप्रथम गरीब पीडित लोगों की परेषानी समझने हेतु पीडितों के गांव में चौपाल लगायी। पीडितों की बात सुनने के बाद अधिकारियों से चर्चा कर उनकी आर्थिक नुकसानी की भरपाई करने की योजना को समझा।
दोनों पक्षों के बीच सामंजस्य बनने मे सफल रहे विधायक शेखावत-
विधायक शेखावत ने दोनों पक्षों से विचार विर्मश कर समस्या का हल निकालने हेतु प्रयास किया गया। जिन गरीबों के झोपडे टुटे उनको पक्का मकान मिले ऐसा प्रस्ताव दिया गया। दोनों पक्षों के बीच सुलह करने हेतु कई बार चर्चा का दौर चला। चर्चा के दौर में हल निकला। वर्तमान में योजना का स्टक्चर बनाने का काम गति पर है। आने वाले समय में यह योजना धरातल पर क्रियाशील दिखाई देगी।



