
न्यायालय परिसर बदनावर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन
164 प्रकरणों का हुआ निराकरण 2,39,82,777 /- रुपये के अवार्ड हुए पारित
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के निर्देशानुसार , जिला विधिक सेवा प्राधिकरण धार के मार्गदर्शन में न्यायालय परिसर बदनावर मे राष्ट्रीय लोक अदालत का सफल आयोजन किया गया। राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ जिला न्यायाधीश श्री जी सी मिश्रा एवम सभी सम्मानीय अतिथियों द्वारा मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। इस अवसर पर न्यायाधीश सुश्री जसविता शुक्ला, न्यायाधीश श्रीमती सीमा धाकड़, न्यायाधीश सुश्री पलक प्रजापति,अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) श्रीमती प्रियंका मिमरोट , तहसीलदार श्री सुरेश नागर ,जनपद पंचायत बदनावर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री लाखन सिंह सिसोदिया,अभिभाषक संघ के अध्यक्ष श्री नरेंद्र जाट,उपाध्यक्ष श्री तन्मय राजावत, सचिव श्री निर्देश सोनगरा , सहायक लोक अभियोजन अधिकारी श्री नवीन बेतव , नगर निरीक्षक (टी आई)श्री अमित सिंह कुशवाह, नगर परिषद बदनावर के मुख्य कार्य पालन अधिकारी श्री लालसिंह राठौर सभी , अभिभाषक संघ के सभी सम्मानीय सदस्य ,सभी बैंकों के अधिकारी ,नगर परिषद के अधिकारी ,वनविभाग के अधिकारी , सम्मानीय पत्रकार गण,सहयोग सेवा संस्था , ज्ञानदीप मंडल आदि समाजसेवी संस्थाओं के पदाधिकारी , बदनावर क्षेत्र के उद्योगो के अधिकारी ,पैरालीगल वोलेंटियर, न्यायालय अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे। अभिभाषक संघ के अध्यक्ष श्री नरेंद्र जाट द्वारा अपने स्वागत उद्बबोधन में सभी उपस्थित जनों, विशेष रूप से मामलों के पक्षकारों और उनके अधिवक्ताओं से आग्रह किया कि वे इस स्वर्णिम अवसर का लाभ उठाएं। यह मंच आपके विवादों को हमेशा के लिए समाप्त करने, कटुता को भुलाकर शांति और सौहार्द की दिशा में कदम बढ़ाने का एक अनूठा अवसर है।

आइए, हम सब मिलकर न्याय के इस यज्ञ में अपनी आहुति दें और नेशनल लोक अदालत को एक बड़ी सफलता बनाएं।
एसडीएम प्रियंका मिमरोट ने अपने उद्धबोधन में बताया कि न्याय मिलने में देरी न्याय न मिलने के समान है लोक अदालत के माध्यम से आपसी समझौते के आधार पर प्रकरणों का निराकरण होने से समय एवम धन दोनों की बचत होती है अधिक से अधिक लोग लोक अदालत के माध्यम से लाभान्वित हो रहे है

जिला न्यायाधीश श्री जी. सी. मिश्रा ने संबोधित करते हुए कहा कि लोक अदालत गांधीवादी आदर्शों पर आधारित “जनता की अदालत” है, जिसका मुख्य लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि आर्थिक या अन्य अक्षमताओं के कारण कोई भी नागरिक न्याय से वंचित न रहे, साथ ही अदालतों पर बढ़ते बोझ को कम करना भी इसका एक प्रमुख उद्देश्य है। नेशनल लोक अदालत केवल मामलों के निपटारे के लिए एक मंच नहीं है; यह एक दर्शन है, एक पहल है जिसका उद्देश्य न्याय प्रक्रिया को सरल, सस्ता और प्रभावी बनाना है। सभी की सहभागिता से ही लोक अदालत का आयोजन सफल होगा।
न्यायालय बदनावर में लोक अदालत के लिए चार खण्डपीठ का गठन किया गया जिसमें कुल 161 प्रकरण का निराकरण हुआ एवं 519 व्यक्ति लाभान्वित हुए मोटर दावा दुर्घटना के 15 सहित 23 प्रकरणों में कुल1,40,72,046 रुपए का अवार्ड पारित किया गया साथ ही नगर परिषद बदनावर द्वारा जलकर एवं संपत्तिकर के प्रकरण निराकरण किए गए एवं 4,65,838 रुपये की राशि वसूल की गई बदनावर तहसील के सभी बैंकों के प्री लिटिगेशन प्रकरणों का निराकरण किया गया एवं 64,63,864 रुपए की राशि वसूल की गई
न्यायालय बदनावर में लोक अदालत के लिए गठित चार खण्डपीठ में खंडपीठ क्रमांक 20 में पीठासीन अधिकारी जिला न्यायाधीश श्रीमान जी. सी. मिश्रा एवं सुलहकर्ता सदस्य श्री सरेन्द्र सिंह राठौर अधिवक्ता थे इस खंडपीठ में 26 प्रकरण का निराकरण किया गया एवं 1,40,72,046/ रुपये की राशि का अवार्ड पारित किया गया साथ ही 55 व्यक्ति लाभान्वित हुए खंडपीठ क्रमांक 21 में पीठासीन अधिकारी न्यायाधीश सुश्री जसविता शुक्ला एवं सुलहकर्ता सदस्य श्रीमति प्रियंका पाटीदार अधिवक्ता थी इस खंडपीठ में 69 प्रकरण निराकरण किया गया व 9,62,000 रुपये की समझौता राशि प्राप्त की गई एवं 150 व्यक्ति लाभान्वित हुए खंडपीठ क्रमांक 22 में पीठासीन अधिकारी न्यायाधीश श्रीमती सीमा धाकड़ एवं सुलहकर्ता सदस्य श्री एम. पी. शर्मा अधिवक्ता थे इस खंडपीठ में 25 प्रकरण का निराकरण किया गया व 12,41,029 रुपये की समझौता राशि प्राप्त की गई एवं 123 व्यक्ति लाभान्वित हुए खंडपीठ क्रमांक 23 में पीठासीन अधिकारी सुश्री पलक प्रजापति एवं सुलहकर्ता सदस्य श्री अमन जोशी अधिवक्ता थे इस खंडपीठ में 44 प्रकरण निराकृत किए गए व 7,78,000 रुपये की समझौता राशि प्राप्त की गई एवं 75 व्यक्ति लाभान्वित हुए
दिनांक 13 12 2025 को सिविल न्यायालय बदनावर में नेशनल लोक अदालत के दौरान खंडपीठ क्रमांक 21 सुश्री जसविताता शुक्ला की खंडपीठ में आवेदीका अपने पति मदनलाल चौहान से पिछले दो वर्षों से अलग निवास कर रही थी दोनों के चेहरे उसे समय खिल गए जब उनके बीच नेशनल लोक अदालत में राजीनामा हो गया और वह दोनों एक साथ रहने को तैयार हो गए इसके साथ ही उनके बीच चल रहे दो मामलों का निराकरण हो गया न्यायालय की ओर से उन्हें पौधा बैठकर उनके अच्छे दांपत्य जीवन की शुभकामना दी गई
जिला न्यायाधीश महोदय जीसी मिश्रा के खंडपीठ क्रमांक 20 में लंबित मोटर दुर्घटना दावा प्रकरण क्रमांक 21/ 2025 में पक्षकारों ने उसे समय राहत की सांस ली जब राजीनामा होने के आधार पर टाटा ए. आई.जी. जनरल इंश्योरेंस बीमा कंपनी द्वारा 11 लाख रुपए की राशि क्षतिपूर्ति के रूप में आवेदक रवि और अन्य को प्रदान किया गया
इस अवसर पर सिविल हॉस्पिटल बदनावर द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण कर पक्षकारों की सेहत की जांच की गई एवम वन विभाग द्वारा सभी पक्षकारों को 1 – 1 पौधा वितरित किया गया
कार्यक्रम का संचालन मानव अधिकार एक्टिविस्ट व पीएलवी जयेश राजपुरोहित द्वारा किया गया एवम न्यायाधीश सुश्री जसविता शुक्ला द्वारा आभार व्यक्त किया गया

