
मतदाताओं द्वारा मतदान करना एक प्रकार से नेताओं के लिए अदालत होती है जनता की अदालत में कई बड़े-बड़े नेताओं को हार का मुह देखना पड़ा! महू में भी सरपंच चुनाव जनता की अदालत में विधायक सहित कई नेताओं को मुंह की खानी पड़ी
महू से भाजपा विधायक उषा ठाकुर और यहां के दूसरे नेताओं के बीच ठीक नहीं चल रहा है। गुटों में बंटी भाजपा ने सरपंच के छोटे से चुनाव में लाखो रुपये खर्च करा दिये। विधायक ठाकुर जिसके लिए लगी थीं वो उम्मीदवार हार गया। जिसे महू वाले कह रहे हैं कि विधायक सरपंच का चुनाव हारी हैं।भाजपा के पुराने मुस्लिम नेता रहे मेहमूद सेठ का निधन होने से भाटखेड़ी पंचायत में सरपंच का उपचुनाव हुआ।
मेहमूद जनपद में उपाध्यक्ष भी रह चुके थे। परिवार बरसों से भाजपाई है। मेहमूद के निधन के बाद महू के भाजपाइयों ने उनके लड़के अजहर को उम्मीदवार बनाकर उतारा। भाजपा मंडल टीम ने भी इस पर रजामंदी दे दी थी। लेकिन विधायक ठाकुर अजहर के नाम पर राजी नहीं थीं। जिलाध्यक्ष श्रवण सिंह चावड़ा को राजाराम गुर्जर को उम्मीदवार बनाने के लिए कहा। चावड़ा ने पल्ला झाड़ लिया। चिट्टी जारी की गई कि । भाजपा ने पंचायत चुनाव में किसी को उम्मीदवार नहीं बनाया है।
गुर्जर के लिए विधायक ठाकुर ने आठ दिन पंचायत में डेरा डाल दिया। विधायक ठाकुर चार महीने से पंचायत चुनाव पर नजर रखे हुई थी। मतदाता सूची से लेकर पोलिंग बूथ तक उनकी नजर रही। हर गली मोहल्ले में टीम की तैनाती कर दी। अजहर के लिए कविता पाटीदार, मनोज ठाकुर और राधेश्याम यादव सहित मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की टीम ने मोर्चा सम्हाला। मेहमूद मंत्री के खास हुआ करते थे। 22 जुलाई को वोट डाले गए थे। आज हुई गिनती में अजहर 167 वोट से चुनाव जीत गया। बताते हैं इस चुनाव में लाखो रुपये खर्च किए गए हैं। करीब छह हजार वोटर पंचायत में हैं। महू में भाजपा फिर दो खेमों में बंटी दिखी।


