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धार जिलाध्यक्ष कमलकिशोर पाटीदार के नेतृत्व में विकट परिस्थितियों में भी कांग्रेस ने श्रेश्ठ प्रर्दशन किया

धार जिलाध्यक्ष कमलकिशोर पाटीदार के नेतृत्व में विकट परिस्थितियों में भी कांग्रेस ने श्रेश्ठ प्रर्दशन किया


काकाजी ने कांग्रेस में फैली गुटबाजी को खत्म कर बडे नेताओं को एक जाजम में बैठाया


कमलकिशोर पाटीदार कांग्रेस में 3 बार जिलाध्यक्ष, 18 वर्शो तक ब्लॉक अध्यक्ष व प्रार्देशिक पदो पर रहे

बदनावर। काकाजी के नाम से विख्यात धार जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष कमलकिशोर पाटीदार का राजनैतिक जीवन कांग्रेस को समर्पित रहा। जिलाध्यक्ष कमलकिशोर पाटीदार के नेतृत्व में विकट परिस्थितियों में भी कांग्रेस ने श्रेश्ठ प्रर्दशन किया। काकाजी ने कांग्रेस में फैली गुटबाजी को खत्म कर बडे सभी नेताओं को एक जाजम में बैठाने का सराहनीय काम किया। 1969 से 2025 तक 56 साल में कांग्रेस में कई महत्वपुर्ण दायित्व का निर्वाहन किया। काकाजी ने तीसरी बार जिला कांग्रेस अध्यक्ष पद का बागडोर सभाल रखी है।
धार जिला कांग्रेस अध्यक्ष कमलकिशोर पाटीदार 75 साल से अधिक उम्र के है किंतु कार्यक्षमता किसी युवा से कमतर नहीं है। उम्र के जिस पढाव में व्यक्ति घर पर रहता है उस उम्र में काकाजी कांग्रेस पार्टी को मजबूती देने के लिए जिले के दौरे करते रहते है। जिले के अंतिम छौर खलघाट से प्रतिदिन 300 किलोमीटर से अधिक का दौरा कर कांग्रेस पार्टी की रीती नीती को आगे बढाने में लगे रहते है। काकाजी के नेतृत्व में हुए 2023 में हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने 7 मेसे 5 विधानसभा जीत कर प्रदेश में श्रेश्ठ प्रर्दशन किया। एक सीट धरमपुरी मात्र 350 मतों के मामूली अंतर से ही जीत से वंचित रही।
कमलकिशोर पाटीदार राजनैतिक सफर में 3 बार जिलाध्यक्ष, 18 वर्शो तक ब्लॉक अध्यक्ष व प्रदेश के पदो पर रहे-
काकाजी उर्फ कमलकिशोर पाटीदार का राजनैतिक सफर काफी लंबा रहा। पाटीदारजी ने 3 बार कांग्रेस जिलाध्यक्ष का दायित्व निर्वाहन किया। पूर्व में दो बार 5-5 साल व वर्तमान में भी जिलाध्यक्ष है। युवावस्था में 18 वर्शो तक ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष की भूमिका में कांग्रेस का परचम लहराते रहे। 2 बार प्रदेश कांग्रेस कमेटी में सचिव एवं प्रदेश महामंत्री के रुप में क्षेत्र में सक्रिय नेताओं के साथ काम करने का अवसर मिला। सेवादल जिलाध्यक्ष के रुप में प्रभावी भूमिका में रहकर कई कार्यकर्ताओं को सेवादल में सक्रिय सदस्य बनाया। 1 बार जिला पंचायत के सदस्य के रुप में निर्वाचित होकर जिले के विकास में अहम भुमिका निभायी।
जिलाध्यक्ष कार्यकाल में कांगेस के सभी नेताओं को एक जाजम पर  साथ लाए-
कांग्रेस में पनपती गुटबाजी पर काकाजी ने विराम लगाते हुए जिलाध्यक्ष बनने के बाद से सभी बडे नेताओं मे मनमुटाव कम कराते हुए सभी को एक जाजम पर लाने का काम भी किया गया। कांग्रेस के ही अगली पक्ति के नेतागण एक दूसरे के पक्ष में बोलना पंसद नहीं करते थें उन्होने चुनाव में एक दूसरे के लिए काम करना काकाजी के व्यवहार व प्रयासो ही संभव हो सका। कमलकिशोर पाटीदार के मृदुभाषी व्यवहार का नजीता है कि आज कांग्रेस संगठित और मजबूत स्थिति में है।
लचीले व्यवहार से सबका दिल जीता-
काकाजी के लचीले व मधुर व्यवहार के कारण ही वे कांग्रेसियों के दिल में जगह बनाये हुए है। पाटीदारजी से कोई कार्यकर्ता उंची आवाज में बात कर गुस्सा करता है तब भी षांत रहकर उसे समझाने का काम करते है। किसी बात का बुरा न मानते हुए सबके हितों के लिए काम करते रहते है। किसी कार्यकर्ता की शिकवा शिकायत भी हंसते हुए सुनकर उसकी पीडा को समझ कर दोबारा से उसे कांग्रेस का काम करने के लिए मना लेते है। सरल सहज उपलब्ध काकाजी से कार्यकर्ता अपने चिचार शेयर करने में भी संकोच नहीं करते है। कांग्रेस के समर्पित सिपाही कमलकिशोरजी के बारे में कहा जाता है कि काम में प्रति समर्पित रहकर सदैव अव्छे से बेहतर काम किया

है।



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