नवीन आपराधिक कानूनों पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर प्रारंभ
प्रशिक्षण का उद्देश्य – आधुनिक कानूनों की सटीक जानकारी और व्यावहारिक क्रियान्वयन सुनिश्चित करना -पुलिस अधीक्षक

बड़वानी( नरेन्द्र गुप्ता): -पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार बड़वानी जिले में नवीन आपराधिक कानूनों (वर्ष 2023) के प्रभावी क्रियान्वयन एवं रिकॉर्ड प्रबंधन की आधुनिक विधियों के संबंध में तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन अनुभाग स्तर पर किया गया है। यह प्रशिक्षण 16 अप्रैल से 18 अप्रैल 2025 तक चलेगा।
प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ आज दिनांक 16.04.25 को अनुभाग बड़वानी, राजपुर एवं सेंधवा में विभिन्न स्थलों पर किया गया।
अनुभाग बड़वानी का प्रशिक्षण पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सभागृह में संपन्न हुआ जिसमें 38 पुलिस अधिकारियों ने भाग लिया।
अनुभाग राजपुर का प्रशिक्षण आजीविका भवन, राजपुर में आयोजित हुआ जिसमें 35 पुलिस अधिकारियों की उपस्थिति रही।

अनुभाग सेंधवा का प्रशिक्षण थाना सेंधवा ग्रामीण में हुआ जिसमें 24 पुलिस अधिकारियों ने भाग लेकर प्रशिक्षण प्राप्त किया।
नवीन अधिनियम की प्रमुख धाराओं, प्रक्रियाओं, पुलिस दायित्वों तथा डिजिटल रिकॉर्ड प्रबंधन पद्धतियों की विस्तृत जानकारी देना है।
शिविर में विशेषज्ञ प्रशिक्षकों द्वारा अधिनियम की गहन व्याख्या, केस स्टडी, सीसीटीएनएस, आईसीजेएस, ई-विवेचना, अरेस्ट एंड कस्टडी (नवीन कानून के अनुसार), डिजिटल साक्ष्य संग्रहण, ई-समन/वारंट, एमपी कॉप, संकलन पोर्टल, ई-रक्षक ऐप आदि पर विशेष जानकारी दी जा रही है। प्रशिक्षण के दौरान व्यवहारिक समस्याओं एवं उनके समाधान की दिशा में भी मार्गदर्शन दिया जा रहा है।
*पुलिस अधीक्षक जगदीश डावरके निर्देशन में यह शिविर एसडीओपी दिनेश सिंह चौहान, एसडीओपी राजपुर श्री आयुष अलावा एवं एसडीओपी सेंधवा श्री अजय वाघमारे के नेतृत्व में आयोजित हो रहा है।
पुलिस अधीक्षक जगदीश डावर ने प्रशिक्षण के दौरान कहा कि “नवीन अधिनियम 2023 केवल कानून का दस्तावेज नहीं, बल्कि पुलिसिंग को अधिक पारदर्शी, उत्तरदायी और तकनीकी रूप से सक्षम बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।”
इसी प्रकार अनुभाग बड़वानी में दिनेश सिंह चौहान, अनुभाग राजपुर में श्री आयुष अलावा तथा सेंधवा अनुभाग में श्री अजय वाघमारे ने प्रशिक्षण सत्रों के माध्यम से नवीन कानूनों की व्याख्या कर अधिकारियों को मार्गदर्शन प्रदान किया।
यह प्रशिक्षण शिविर जिले में पुलिस बल की कार्यकुशलता एवं विधिक जानकारी को अद्यतन करने की दिशा में एक सराहनीय पहल है।
