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सहकारिता चुनाव कराने की मांग को लेकर बदनावर विधायक भंवर सिंह शेखावत ने सरकार को घेरा- खबर पड़े नीबू मिर्च पर

लोकतांत्रिक प्रक्रिया में देरी पर उठाए सवाल, पारदर्शी चुनाव की मांग तेज़। सरकार कब सुनेगी जनता की आवाज़?

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में कांगेस विधायकों ने सहकारिता चुनाव ज्लद कराने की मांग सदन में उठायी

मप्र सहकारी समिति संशोधन विधेयक 2025 सहकारिता आंदोलन की अंत्येष्टि होगी

सरकार पिछले 20 साल से सहाकारी संस्थाओं के निर्वाचन से भाग रही- विधायक शेेखावत

न्यूज़ डेस्क।

विधानसभा बजट सत्र के दौरान बदनावर विधायक भंवरसिंह शेखावत द्वारा सहकारिता विभाग में संचालित सोसायटी एवं कृषि उपज मंडी में चुनाव लंबित होने का मुद्दा उठाया गया। सत्र के अंितम दिन नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में कांगेस के सभी विधायकों ने सहकारिता चुनाव ज्लद से ज्लद कराने की मांग सदन में की गई। मांग पर समुचित उत्तर नहीं मिलने पर विपक्षी कांग्रेस विधायकों द्वारा सदन से वॉक आउट कर सदन के बाहर नारे बाजी की गई।

विधायक प्रतिनिधि महेश पाटीदार ने बताया कि बदनावर विधायक भंवरसिंह शेखावत ने विधानसभा सत्र में ध्यान आर्कशण के तहत मुद्दा उठाया कि सहकारिता विभाग में प्रदेश की सभी सोसायटी में दो दशक से चुनाव नहीं हुए। सोसायटी में चुने हुए जनप्रतिनिधि की अनुपस्थिती में प्रबंधक बेलगाम हो गए। अधिकारियो की लापरवाही के चलते प्रदेश में लाखों किसान डिफाल्टर हो गए। किसानों के डिफाल्टर होने के कारण जिला सहाकारी बैंकों की आर्थिक स्थिती बिगड गयी। ऋण वसूली नहीं होने के कारण जिला सहकारी बैंक समय पर आरबीआई की किस्त चुकाने मे असमर्थ होनेे से आरबीआई ने इन बैंकोे को बंद करने का नोटिस जारी किया गया है।

मप्र सहकारी समिति संशोधन विधेयक 2025 सहकारिता आंदोलन की अंत्येश्टि होगी-

सदन में मंत्री विश्वास सारंग ने मप्र सहकारी समिति संशोधन विधेयक 2025 पर चर्चा का प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया। इस पर कांग्रेस विधायक भंवरसिंह शेखावत व सचिन यादव ने कहा कि यह विधेयक पारित किया गया तो सहकारिता आंदोलन की अंत्येष्टि होगी। बीते 20 साल में सहकारी आंदोलन कोे बढावा देने की बजाय कुचलने का काम किया है। इस पर मंत्री सारंग नेे कहा कि 650 से 700 नई पैक्स बनाने की तैयारी है। इसके बाद सभी समितियों के चुनाव कराए जांएगंे। सरकार की मंशा चुनाव टालने की नहीं है। इसके बाद कांग्रेस के विधायकों ने सदन से वॉक आउट किया, वाक आउट के बीच ही मप्र सहकारी समिति संशोधन विधेयक 2025 पारित कर दिया गया।

सरकार पिछले 20 साल से सहाकारी संस्थाओं के निर्वाचन से भाग रही- विधायक शेेखावत

विधायक शेखावत ने मप्र सहकारी समिति संशोधन विधेयक 2025 पारित करने का विरोध करते हुए मीडिया से बातचीत में बताया कि कांग्रेस के सभी विधायकों ने सदन सेे वाक आउट किया है। हम सहकारी संस्थाओं के चुनाव करवा कर जनप्रतिनिधियों केे भरोसे सहकारिता का संचालन चाहते है। कापरेटिव की मंशा है कि जनता द्वारा चुुने हुए जनप्रतिनिधि ही इसका संचालन करे। सरकार पिछले 20 साल से सहाकारी संस्थाओं के निर्वाचन से भाग रही है। हमने सदन में यह मुद्दा उठाया था। किंतु सरकार इसमें जो संशोधन ला रही है वह जनता की भावना के खिलाफ है। हम उसका विरोध करते है। सरकार संस्थाओं के चुनाव करवा कर सत्ता अधिकारियों केसे हाथों से लेकर जनप्रतिनिधियों के हाथों में सौंपे। हम जनता के आदेश के पालन करते हुए जनता के लिए लडाई लड रहे है। सरकार ने कोर्ट के आदेश का पालन भी नहीं किया। हम न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे। सहकारिता के चुनाव लंबित करने से किसानों के बोर्ड नहीं होने से किसानों की समस्या सुनने वाला कोई नहीं है। और नही किसान हित में निर्णय लिए गये

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