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भाजपा पार्षदो का अखाडा बन गई परिषद, बाधित हो रहा नगर का विकास

डबल नहीं ट्रिपल इंजन की सरकार में यह क्या हो रहा हाल, पूर्व कार्यकाल से भी नहीं सीखा भाजपा ने सबक ,

भाजपा पार्षदो का बन रही परिषद अखाड़ा,

नगर का विकास हो रहा बाधित

बड़वानी (नरेन्द्र गुप्ता )- नगर पालिका परिषद बड़वानी में सत्ता पक्ष के ही पार्षद आपस में एक दूसरे का विरोध करते हुए दिखाई दे रहे हैं तो वहीं विपक्ष इस स्थिति का लाभ उठाते हुए आनंद ले रहा है भारतीय जनता पार्टी के पार्षद ही आपस में व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा के कारण लड़ते हुए नजर आ रहे हैं आपसी समझबूझ की कमी से जहां पूर्व में बनी भाजपा परिषद के कार्यकाल से भी सबक नहीं सीखा। आपसी लड़ाई में नगर के विकास को बाधित कर रहे है पीसीसीआई समिति से दों पार्षदों को हटाना कहीं प्रश्न चिन्ह खड़े कर रहा है आखिर यह पद की महत्वआकांक्षा नगर को कहां ले जाएगी अभी अगर नगर में चारों ओर देखेतो समस्याएं मुंह बाये खड़ी है जहां सड़कों की स्थिति देखी जाए तो हर जगह गड्ढे और धूल का चहूं और गुब्बार उठा हुआ दिख रहा है आम जनता इससे परेशानी महसूस कर रही है और कई लोग एलर्जी की बीमारी से ग्रस्तसित हो रहे है।

क्या नगरपालिका परिषद इस पर ध्यान देने की बजाय अपनी व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाएं की पूर्ति करने के लिए आपस में ही पार्षद लड़ते हुए नजर आएंगे ।जन चर्चा का विषय बनते जा रहे है डबल नहीं ट्रिपल इंजन की सरकार हमने क्या इसलिए चुनी कि ये परिषद विकास कार्य करने की बजाय आपस में लड़ते नजर आए क्या इनको इसलिए हमने चुनाकि यह आपस में अपनी महात्माकांक्षाओं और अपने लाभ के लिए नगर के विकास को बाधित कर लड़ते नजर आएंगे अगर भारतीय जनता पार्टी की परिषद ने पूर्व की परिषद से भी सबक नहीं सीखा तो यह निश्चित है कि आजादी के इतने वर्षों बाद दो बार इन्हें कार्य करने का अवसर प्रदान किया गया पर इन्होंने प्रथम कार्यकाल में भी आपस में लड़ते हुए पूरे 5 वर्ष व्यतीत किये और वर्तमान में भी यही चल रहा है तो नगर की जनता यह सोचने पर बाध्य हो गई

और यह कहते हुए नजर आ रही है की पूर्व कांग्रेस परिषद का कार्यकाल ही बहुत अच्छा था क्या ऐसे भारतीय जनता पार्टी के प्रतिनिधियों को चुनने से हमें कोई लाभ नहीं हो रहा है जहां दो-दो सांसद और पूर्व कैबिनेट मंत्री निवास रत हो , और नगर का विकास पूर्णतया बाधित हो रहा है हर तरफ किसी भी प्रकार की अगर कोई नीतिगत विशेषता बता दी जाए नगर का वास्तव में विकास हो रहा है तो यह सोचनीय बात है ।परिषद की अध्यक्ष को व भाजपा के दिग्गज व वरिष्ठो को भी इस बार बारे में सोचना होगा। विधानसभा चुनाव में गच्चा खा चुके हैं। इससे भी सबक नहीं सीखा तो फिर राम जाने क्या होगा—–?

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