राज्यसभा सांसद के प्रयासों से तीन दशक पुरानी मांग पर लगा विराम

गोई नदी पर पुल के लिए मिली 10 करोड़ से अधिक की प्रशासकीय स्वीकृति, पाटी की दूरी होगी 4 किमी कम
टेंडर प्रक्रिया शुरू, जल्द शुरू होगा पुल निर्माण का कार्य
बड़वानी नरेन्द्र गुप्ता:- राज्यसभा सांसद डॉ. सुमेरसिंह सोलंकी के प्रयासों से जिले के सिलावद क्षेत्र के लोगों की तीन दशक से चली आ रही मांग पर विराम लग गया है। सांसद डॉ. सोलंकी ने अपने गृहक्षेत्र सिलावद से होलगांव के बीच गोई नदी पर पुल निर्माण के लिए 10 करोड़ रुपए से अधिक की स्वीकृति राज्य शासन से दिलवाई है। अब यहां पुल बन जाने से सिलावद से पाटी की दूरी लगभग 4 किमी कम हो जाएगी। वहीं यहां पर हो रहे हादसों पर भी रोक लग सकेगी। पुल बनने से इस क्षेत्र से जुड़े सैकड़ों गांवों के हजारों लोगों को फायदा होगा।

यहां पुल बनाने की मांग क्षेत्र की जनता पिछले 30 सालों से करते आ रही थी। इसे लेकर राज्यसभा सांसद चार साल से प्रयासरत थे। राज्यसभा सांसद ने पुल की मांग को लेकर मुख्यमंत्री सहित लोक निर्माण विभाग मंत्री से लगातार पत्र व्यवहार कर भोपाल प्रवास के दौरान कई बार चर्चा में इसका आग्रह किया था।
उनकी इस मांग पर गत वर्ष जुलाई में आए मप्र शासन के बजट 2024-25 में पुल की स्वीकृति प्रदान की गई थी। वहीं इसके बाद सेतू विभाग खरगोन द्वारा फाइनल सर्वे कर डीपीआर बनाकर प्रशासकीय स्वीकृति के लिए भेजा गया था। दो दिन पहले 12 मार्च को राज्य शासन के लोक निर्माण विभाग के उप सचिव एआर सिंह द्वारा सिलावद-होलगांव के बीच उच्च स्तरीय पुल निर्माण के लिए 1039.88 लाख रुपए की प्रशासकीय मंजूरी प्रदान की गई है। अब विभाग द्वारा टेंडर प्रक्रिया कर पुल का निर्माण कराया जाएगा।
पुल बनने के बाद नहीं लगाना पड़ेगा 4 किमी का चक्कर
सिलावद-होलगांव के मध्य बह रही गोई नदी पर पुल ना होने से क्षेत्र के कई गांवों के लोगों को 4 किमी का चक्कर काटकर सिलावद आना-जाना करना पड़ता था, लेकिन अब पुल बन जाने से सिलावद व पाटी क्षेत्र के सैकड़ों गांवों के लोगों की यह समस्या दूर हो जाएगी। पूर्व में यहां नदी में बहने से कई लोगों की मौत भी हो चुकी है। वहीं ग्रामीणों को आने-जाने में खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। अब पुल बन जाने से कई समस्याएं दूर हो जाएगी। वर्षों पुरानी इस मांग के पूरा हो जाने से क्षेत्रवासियों में खुशी की लहर है।
होलगांव में गोई नदी पर पुल के अभाव में कई लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। शॉर्टकट के चलते कई लोग जान जोखिम में डालकर नदी पार करते हैं। ऐसे ही नदी पार करते समय पिछले वर्षों में कई लोगों की बहने से मौत हो चुकी है। वर्तमान में भी लोग नदी पार कर पैदल आना-जाना करते हैं, जिससे हर समय हादसे का डर बना रहता है। गोई नदी में ऊपरी हिस्से में पांचपुलादक्षिण में शहीद भीमानायक लोअर गोई परियोजना का बड़ा बांध बना हुआ है, जिससे कभी भी डेम से पानी छोड़ दिए जाने से भी जान-माल के नुकसान का खतरा बना रहता है। वहीं नदी में पानी भी अब हर समय रहता है। ऐसे में यहां पुल बनाने की मांग लगातार की जा रही थी। अब यह मांग पूरी हो गई है।
उल्लेखनीय है कि गोई नदी पर इस पुल के निर्माण की नींव सबसे पहले करीब चार साल पहले राज्यसभा सांसद डॉ. सुमेरसिंह सोलंकी ने ही रखी थी। राज्यसभा सांसद बनते ही उन्होंने सेतू विभाग के अधिकारियों के साथ यहां दो किमी पैदल चलकर मौका-मुआयना किया था, जिसके बाद पुल के लिए प्रस्ताव बनाकर सेतू विभाग खरगोन के माध्यम से मुख्यमंत्री के समक्ष भेजा गया था। चार साल के प्रयासों के बाद अब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव तथा लोक निर्माण विभाग मंत्री राकेशसिंह द्वारा इस पुल के निर्माण की मंजूरी प्रदान की गई है।

