
खरगोन से रविन्द्र
परमार की कलम से
छात्रवृत्ति में 84 लाख रुपए का घोटाला कर्ज चुकाने के लिए की हेरा फेरी

खरगोन में पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग में 84 लाख रूपये से अधिक की छात्रवृत्ति घोटाले का मामला सामने आया है। कलेक्टर के निर्देश पर विभाग की सहायक संचालक इतिशा जैन, डीडीओ क्रिएटर आशीष दुबे और लेखा प्रभारी शेखर रावत पर कोतवाली थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। वर्ष 2021-22 और 2022-23 में अनेक फर्जी खातो में भुगतान के आरोप के चलते जाॅच रिपोर्ट के आधार पर बडी कार्यवाही की गई है। कलेक्टर भव्या मित्तल के निर्देश पर कोतवाली थाने में एफआईआर दर्ज होने के बाद हडकंप मच गया। घोटाले के मामले में डीडीओ क्रिएटर आशीष दुबे और लेखा प्रभारी शेखर रावत के खिलाफ विभागीय जांच चल रही है। अब एफआईआर के बाद सहायक संचालक इतिशा जैन के खिलाफ भी कार्यवाही के लिये कलेक्टर ने शासन को पत्र भेजा है।

छात्रवृति स्कैम में 84 लाख के घोटाले का मुख्य आरोपी शेखर रावत को खरगोन कोतवाली पुलिस गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है।आरोपीयो ने 84 लाख 39 हजार 977 रुपये की हेराफेरी की है। छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए दी जाने वाली छात्रवृत्ति राशि को डिजिटल सिग्नेचर और अनेक खातों में हेरफेर कर गबन किया गया था।
कलेक्टर भव्या मित्तल ने तीनों आरोपीयो के खिलाफ थाना कोतवाली में एफआईआर दर्ज करने और वसूली के आदेश दिये है। जिला कोषालय अधिकारी आनंद पटले, तात्कालिक अपर कलेक्टर जेएस बघेल और सहायक आयुक्त प्रशांत आर्य की जांच समिति ने दस्तावेजों से 84 लाख रूपये हेराफेरी कर गबन की पुष्टि की थी। बताया जा रहा है की कर्ज चुकाने के लिए लेखा प्रभारी शेखर रावत पर फर्जीवाड़ा का आरोप है।
एसपी धर्मराज मीना ने बताया की कलेक्टर कार्यालय से जाॅच समिति की मिली रिपोर्ट के आधार पर 84 लाख रूपये के घोटाले की धारा 420,409 के तहत एफआईआर हुई है। खरगोन कोतवाली थाना पुलिस विवेचना कर रही है। जाॅच समिति की रिपोर्ट और दस्तावेजो के आधार पर कार्यवाही की जायेगी। महत्वपूर्ण बात यह है की छात्रवृति घोटाले के दो साल पुराने मामले पर कलेक्टर के निर्देश पर एफआईआर की बडी कार्यवाही हुई है।


