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महाराणा की प्रतिमा की पांच कन्याओं ने की पूजा अर्चना- न कोई जीता न हारा- गहमा गहमी का माहौल

महाराणा की प्रतिमा के चद्दर हटाकर पांच कन्याओं के हाथों की पूजा अर्चना

महाराणा प्रताप की प्रतिमा अनावरण को लेकर दिनभर गहमा गहमी का माहौल रहा

समाज के ही एक गुट ने 5 तो दुसरे ने 10 तारीख को अनावरण का किया गया था ऐलान

राजपूत समाज के दोनों गुटों में आमने सामने हुई जमकर नारेबाजी

समाज के एक गुट की मांग पर चद्दर हटाए तो दुसरे गुट की मांग पर दोबारा लगाए

चीफ एडिटर/ महेश पाटीदार

बदनावर। बडी चौपाटी पर महाराणा प्रताप की प्रतिमा अनावरण को लेकर दिनभर गहमा गहमी का माहौल रहा। प्रशासनिक अधिकारियों की सुझ बुझ से न कोई जीता न कोई हारा। राजपूत समाज के एक गुट के कहने पर प्रतिमा के चारों और लगाए चद्दर हटाए गये तो इसी समाज के दुसरे गुट की मांग पर दोबारा से चद्दर लगा दिए गये। अनावरण करने के दौरान हजारों लोगों की भीड जमा हो गयी थी। एक समय तो दोनों गुट की और से आमने सामने नारे बाजी भी हुई। किंतु पुलिस ने दोनों गुटों को अलग खडे कर लाइन आर्डर की स्थिति से बचा लिया गया। भीड को बिखेरने के लिए तहसीलदार को लाठी चार्ज करने की घोषणा भी करना पडी। किंतु लोगों की समझदारी से मामला शांति पूर्ण माहेाल में सुलझ गया। राजपूत समाज के एक गुट की और से पांच कन्याओं के हाथों महाराणा की प्रतिमा की पूजा अर्चना की गयी। वही केवलसिंह ने भी माला अर्पित की।

महाराणा की प्रतिमा अनावरण को लेकर राजपूत समाज दो गुट में दिखाई दिया-

महाराणा प्रताप की प्रतिमा अनावरण को लेकर राजपूत समाज अलग अलग गुट में दिखायी दिया। प्रतिमा अनावरण को लेकर दोनों गुटों ने अलग अलग तारीख का एलान किया गया था। एक गुट ने 5 तो दुसरे गुट की और से 10 तारीख को अनावरण करने का ऐलान किया गया था। रविवार को राजपूत समाज के हजारों कार्यकर्ता 12 बजे गोकुलधाम सोसायटी में पहुॅच गए। समाजजनोें ने काफी देर तक नारेबाजी भी गयी। जहां तहसीलदार सुरेश नागर व थाना प्रभारी अमितसिंह कुशवाह ने उपस्थित लोगों को समझाने का प्रयास किया गया। एक घंटे की बातचीत में प्रशासन ने हल निकाला। जिसमें प्रतिमा के आसपास लगे चद्दर हटाकर पांच कन्याओं से प्रतिमा की पूजा अर्चना करने पर सहमती हुई। नगर परिशद के कर्मचारियों द्वारा प्रतिमा के चारों और लगे चद्दर हटाए गयें। किंतु प्रतिमा पर लपेटा कपडा नहीं हटाया गया। ऐसी स्थिति में कन्याओं द्वारा पूजा अर्चना की गयी। बाद में केवलसिंह ने भी पुश्पमाला चढाई

समाजजनों की पुलिस से हलकी झुमाझटकी भी हुई-

गोकुल धाम सोसायटी में कुछ देर तक बातचीत में मामला नही सुलझने पर युवाओं द्वारा प्रतिमा स्थल की जाने पर पुलिस ने सख्ती से रोका गया। युवाओं एवं पुलिस के बीच हल्की झुमाझटकी भी देखी गयी। युुवा प्रतिमा स्थल पर पहुॅचने का प्रयास करने पर पुलिस ने जबरन रोके रखा। बातचीत मे हल निकालने पर युवाओं व पुलिस ने राहत की सांस ली।

राजपूत समाज के दूसरे गुट के सैकडों कार्यकर्ता भी पहुॅचे-

माहराणा की प्रतिमा के चद्दर हटाने की सूचना पर समाज केे दुसरे गुट के शिवप्रतापसिंह के सैकडों सर्मथक भी प्रतिमा स्थल पर पहॅुचें। किंतु प्रशासन ने कार्यकर्ताआंे को प्रतिमा से 50-60 फीट दूरी पर ही रोक दिया। दोनों और से नारेबाजी होने लगी। हजारों की भीड को तीतर बितर करने के लिए तहसीलदार सुरेश नागर ने लाइन आर्डर को लेकर लाठी चार्ज करने की घोशणा करने पर दोनों गुट के कार्यकर्ता दूरी पर ही खडे हो गए। कुछ ही समय में एक गुट के कार्यकर्ता पूजा अर्चना कर वापस चले गए। किंतु दूसरे गुट की और हटाए चद्दर दोबारा से लगाने की मांग पर प्रतिमा के चारों ओर चद्दर लगा दिए गये।

तहसीलदार, एसडीओपी एवं टीआई सहीत 200 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात रहे-

महाराणा की प्रतिमा अनावरण रोकने के लिए प्रात से ही बडी संख्या में पुलिस बल तैनात था। प्रतिमा के चारो और बेरिकेडस लगा दिए गये थे। किसी भी स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन पुरी तरह तैयार था। तहसीलदार सुरेश नागर, एसडीओपी अरविंदसिंह तोमर, थाना प्रभारी अमितसिंह कुशवाह सहीत कई अधिकारी व पुलिस कर्मचारी मुस्तेद दिखायी दिये। प्रशासन व पुलिस के आपसी सामजस्य से विवाद का शांतिपूर्ण हल निकालने पर आमजनता द्वारा प्रशंशा की गयी।

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